एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-मिर्जामुराद से लेकर रामनगर तक नेशनल हाईवे किनारे और रिंग रोड फेज एक और दो किनारे ढाबे,गेस्ट हाउस और होटलों में अनैतिक कार्य हो रहे हैं बिना आईडी कमरे बुक होते हैं।डाफी से अखरी भदवर मोहनसराय राजातालाब मिर्जामुराद बाईपास तक हाइवे किनारे होटलों ढाबों में खुलेआम शराब परोसी जाती है।आबकारी सेक्टर निरीक्षक और संबंधित थाना क्षेत्रों की जानकारी में यह सब हो रहा है।आपको बता दे कि नेशनल हाईवे पर बने होटलों,ढाबों और रेस्टोरेंट बिना लाइसेंस के ही मयखानों में तबदील हो गए हैं।

शाम ढलते ही ढाबों व होटलों में जाम छलकने लगते हैं और यह सिलसिला देर रात तक चलता रहता है।ऐसा नहीं है कि शासन या प्रशासन को होटल,रेस्टोरेंट व ढाबों में चल रहे मुनाफे के खेल की जानकारी न हो,बावजूद इसके इन ढाबा व होटल मालिकों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जा रही है।मिर्जामुराद से लेकर लंका थाना क्षेत्र में आबकारी नियमों को ताक पर रखकर बिना लाइसेंस के ग्राहकों को शराब पिलाना होटल व ढाबा मालिकों की फितरत बन चुकी है।अपने प्रतिष्ठानों की रौनक बढ़ाने के लिए खुलेआम मदिरापान करवाया जा रहा है।नियमों को ठेंगा दिखाकर सरेआम रेस्टोरेंट व ढाबों पर बार खुले हुए हैं।होटल व ढाबा मालिक आमदनी को तो कई गुना कर रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार को लाखों रुपए की चपत लगा रहे हैं।क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि होटल,ढाबा व रेस्टोरेंट खाना खाने के लिए बनाया जाता है।वहीं पर बैठकर लोग शराब पीते हैं।इन ढाबा व होटल मालिकों के पास बार लाइसेंस तक नहीं होता।बिना लाइसेंस के ही सब काम चल रहा है।नियमों की अवहेलना हो रही है और प्रशासनिक अधिकारी सुस्त है।

बार का लाइसेंस लिए बिना कोई भी होटल,ढाबा मालिक शराब नहीं पिला सकता। क्षेत्र में बहुत कम होटल या ढाबा मालिक ने लाइसेंस लिया हुआ है।यदि कोई नियमों की अवहेलना करके शराब पिलाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होनी चाहिये,यही नही होटल ढाबा रेस्टोरेंट मालिको के पास पार्किंग नही होने के कारण बड़ी बड़ी वाहन सर्विस रोड व हाईवे पर खड़ी की जाती है जिससे आये दिन सड़क दुर्घटनाये होती है लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदार अपना ढील मूल रवैया अपनाकर कार्य करते नजर आते है।वाराणसी पुलिस कमिश्नर व जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री जी प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेकर मिलीभगत करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों व संचालकों के खिलाफ कार्यवाही करना सुनिश्चित करे जिससे सड़क दुर्घटना व राजस्व चोरी सहित अपराध/घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लग सके।

