एस के श्रीवास्तव विकास*
*वाराणसी/-जन्म के तुंरत बाद शिशुओं को पहला व गाढ़ा स्तनपान कराना बहुत ही जरूरी होता है यह किसी भी शिशु के पूरे जीवनकाल पर प्रभाव डालता है।शीघ्र व केवल स्तनपान को बढ़ावा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी आंगनबाड़ी कार्यकत्री।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में आंगनबाड़ी सहायिका से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर प्रतिचयनित आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सात दिवसीय आवासीय आधारभूत प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए सीडीपीओ दिलीप केशरी ने कही।उन्होंने कहा कि शिशुओं को जन्म से लेकर छह माह तक सिर्फ और सिर्फ मां का स्तनपान ही कराना चाहिये।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पुष्पा सिंह व राधेश्याम

यादव द्वारा प्रशिक्षुओं को आईसीडीएस विभाग का परिचय,लाभार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं,आंगनबाड़ी की भूमिका,पोषण का महत्व,पोषक तत्वों के प्रकार,जीवन के सुनहरे एक हजार दिन,गर्भावस्था के दौरान मातृ पोषण,अनुपूरक पुष्टाहार आदि के बारे में जानकारी दी गई और विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास कराया गया।इसी के साथ द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण सत्र का समापन हुआ।प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना क्षेत्र नगरक्षेत्र से चयनित 29 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रतिभाग किया।इस अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार,सुरेश तिवारी,नीरज कुमार,अजीत कुमार,सुनीता,लक्ष्मी देवी,अयोनिजा शर्मा,दीपयंती,अनिता देवी आदि की उपस्थिति रही।*

