एस के श्रीवास्तव विकास*

*वाराणसी/-भारत की पुरातन चिकित्सा पद्धति आधुनिक मेडिसिन साइंस से कई गुना आगे रही है।आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता और घरेलू प्रयोग सरल और अतिकारगर रही।पौधों के आयुर्वेदिक गुणों के द्वारा साधारण घरेलू उपचार पूर्वज उपयोग करते हुए निरोग रहे।मेडिकल साइंस के दवाओं का साइड इफेक्ट अधिक होते हैं जबकि आयुर्वेदिक औषधियों में यह विषमता नहीं के बराबर है।निरोगी काया व जीवन के लिए हमें अपने घरों व आस पास आयुर्वेदिक औषधीय पौधे लगाए जाने की जरूरत है।उक्त बातें शुक्रवार को एनिमोटेल केयर ट्रस्ट कृष्णापुर खुर्द,हरहुआ व आरोग्य भारती काशी प्रान्त की ओर से आरोग्य वाटिका व पौधरोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य विशेषज्ञ प चन्द्रमौलि उपाध्याय ने अपने सम्बोधन में व्यक्त किया।इसके बाद अपने हाथों से आरोग्य वाटिका का उद्घाटन कर मेडिशनल प्लांट सहित अन्य पौध लगाए।उपस्थित अतिथियों ने ब्राह्मी,अश्वगंधा,शतावरी,पिप्पली,अपराजिता,चिरायता,घृतकुमारी,तेजपत्ता,इलायची,हींग सहित लगभग 25 किस्म के पौधों का रोपण किया।वक्ताओं में वैद्य ध्रुव अग्रहरी ने सभी औषधीय पौधों के गुणों पर जानकारी दी।आरोग्य भारती काशी प्रांत अध्यक्ष डॉ इंद्रनील बसु ने पर्यावरण संरक्षण व स्वास्थ्य के लिए सभी नागरिकों को अपने घरों में कुछ औषधीय पौधे लगाने का सुझाव दिया।समाजसेवी व अध्यक्ष आरोग्य भारती काशी ग्रामीण जिला कपिल नारायण पाण्डेय ने एक पेड़ काटे जाने पर दस पेड़ लगाने और अपनी प्राचीन बड़े पौधों के रोपण पर जोर दिया।कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं में सीए बृजेश जायसवाल,सी ए कमलेश अग्रवाल,एनीमोटल के संचालक संदिलीप सेनगुप्ता,विश्वजीत सिंह ने कहा रोपित औषधि व मसालों के पौधों से मनुष्यों व पालतू जानवरों के घरेलू इलाज पर जनजागरण के लिए जोर दिया।वाटिका में आम,चीकू,लीची,बेल आदि पौधों का भी रोपण किया गया।इनके संरक्षण हेतु दस ट्री गार्ड लगाए गए व देखरेख के लिए पूर्णकालिक माली की नियुक्ति की गई।एनिमोटेल के अध्यक्ष श्री मति सुदेशना बसु ने अतिथियों का स्वागत किया और संदिलीप सेन गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ इंद्रनील बसु अध्यक्ष आरोग्य काशी प्रान्त ने किया।*

