एस के श्रीवास्तव विकास*

वाराणसी/-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में महामना मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर चढ़े दो युवकों का वीडियो वायरल होने के मामले में लंका थाने में आधा दर्जन पत्रकारों पर दर्ज एफआईआर मामले में अब विरोध तेज हो गया है।यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक्स हैंडल (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि कांग्रेस इस दमन के खिलाफ संघर्ष करेगी।अजय राय ने कहा है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अब पत्रकारिता करना सबसे बड़ा अपराध बन गया है।सवाल पूछने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बाद अब पत्रकारों पर मुकदमे ये लोकतंत्र पर सीधा हमला है।सरकार की ये कार्रवाई निंदनीय ही नहीं,बल्कि डर और तानाशाही की मिसाल है।कांग्रेस पूरी मजबूती से पत्रकारों के साथ खड़ी है और इस दमन के खिलाफ संघर्ष करेगी।बता दें सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में छह पत्रकारों जिसमें अरशद आलम,अभिषेक त्रिपाठी,अभिषेक झा,सोनू सिंह,शैलेश चौरसिया व एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।इसके अलावा एक अन्य एफआईआर में नितिन राय को भी आरोपी बनाया गया है।यह केस संकटमोचन चौकी प्रभारी की तहरीर पर दर्ज हुआ है।

