गाजीपुर। जहां एक ओर पूरे प्रदेश में आवारा पशु और गौवंश की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वहीं करंडा विकास खंड अंतर्गत सुआपुर ग्राम पंचायत ने इस दिशा में उल्लेखनीय पहल करते हुए अपनी गौशाला को नया जीवन दिया है। गांव की यह गौशाला अब सिर्फ एक चरागाह नहीं, बल्कि संरक्षित सेवा स्थल बन गई है और इसका श्रेय जाता है ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओमप्रकाश सोनकर की दूरदृष्टि को। गौशाला परिसर में हाल ही में चारदिवारी का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे गौवंश अब सुरक्षित रूप से खुले में विचरण कर पा रहे हैं। यह बाउंड्री और पक्के प्लेटफॉर्म से सुसज्जित यह गौशाला बनी है पूरे कई गांवों में उदाहरण।
ग्रामीण बोले का कहना है कि पहले गायें इधर-उधर घूमती थीं, अब पूरा प्रबंध होगा चारा, पानी और छाया तक। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओमप्रकाश सोनकर ने बताया कि हमारे लिए गौसेवा सिर्फ परंपरा नहीं, प्रतिबद्धता है। यह चारदिवारी निर्माण सिर्फ दीवार नहीं, हमारी आस्था का घेरा है।

