एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में एक जुलाई से चल रहे आंगनबाड़ी सहायिका से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर प्रतिचयनित आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सात दिवसीय आवासीय आधारभूत प्रशिक्षण सत्र के पांचवें दिवस में प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए बाल विकास परियोजनाधिकारी आशीष कुमार वर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को दिव्यागता समावेशी बनाने के लिए केन्द्र पर विशेष रूप से जरूरतमंद बच्चों के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करें आंगनबाड़ी कार्यकत्री।इसके लिए प्रशिक्षुओं का अभ्यास कराया और फिल्म दिखाकर जानकारी दी।बाल विकास परियोजनाधिकारी दिलीप केशरी द्वारा प्रशिक्षुओं को अभिभावकों की जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए आने वाली चुनौतियों का समाधान करने की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण कार्यक्रम के में मास्टर ट्रेनर पुष्पा सिंह व राधेश्याम यादव द्वारा प्रशिक्षुओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों का सतत मूल्यांकन करने की गतिविधि कराई गई,जिसके अन्तर्गत दैनिक दिनचर्या के अनुसार गतिविधियों को संचालित करने की,बच्चों की केन्द्र पर उपस्थिति बनाए रखना और बढ़ाना पर जानकारी दी गई।इसी के साथ पांचवे दिवस के प्रशिक्षण सत्र के अन्त में जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षुओं का फीडबैक लेकर सत्र का समापन किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना नगरक्षेत्र से चयनित 26 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की उपस्थिति रही।इस अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार,सुरेश तिवारी,नीरज कुमार,अजीत कुमार,मुनमुन दत्ता,सुरैया आजमी,ऊषा देवी,विभा चंदन,बेबी श्रीवास्तव,शशिकला पाण्डेय,विमला रानी,दुर्गा देवी,अनिता,चन्दा,लक्ष्मीना,पूनम मौर्या,दीप्ति चौरसिया,शोभा सिंह,रेखा,राना तबस्सुम,पिंकी देवी,संध्या,संगीता,माया,सुधा,नीरा,वीणा कश्यप आदि की उपस्थिति रही।

